笑看风云
书名:刺客信条|作者:笑无语|本书类别:古言|更新时间:09:12:44|字数:3896字
一 | राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। (Income Growth Per Capita Income): दिल्ली में जनसंख्या बढ़ने के साथ ही यहां के लोगों की आय भी बढ़ी है। शहरी क्षेत्र का विस्तार होने से यहां की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी कम हुई है। इसकी तुलना में सेवा क्षेत्र व औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ी है।,यही कारण है कि दिल्ली तीन सबसे संपन्न राज्यों में शामिल है। यहां प्रति व्यक्ति आय 4.93 लाख रुपये है। इससे आगे सिर्फ सिक्किम है। सिक्किम में प्रति व्यक्ति 5.87 लाख है। वर्ष 2022-23 में गोवा दूसरे स्थान पर था। पिछले दो वर्षों से उसका आंकड़ा जारी नहीं हुआ है। केंद्र शासीत प्रदेश में दिल्ली सबसे अागे है। इसके बाद चंडीगढ़ है। वर्ष 2011-12 में दिल्ली की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 3.5 प्रतिशत तक थी। अब यह एक प्रतिशत से भी कम रह गया है। इस दौरान निर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 13 प्रतिशत बनी हुई है। वहीं, सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 83.4 प्रतिशत से बढ़कर 86.6 प्रतिशत हो गई है। इससे लोगों की आय बढ़ी है। महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्य जहां की जनसंख्या अधिक होने के साथ ही उद्योग को भी बढा़वा मिला है। इसके बाद भी वह प्रति व्यक्ति आय में दिल्ली से पीछे हैं।,दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से 2.4 गुना अधिक है। राज्य सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति आय में सात प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, यह राष्ट्रीय औसत से कुछ कम है।,इसे और बढ़ाने के लिए सेवा व पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में सिर्फ पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों को शामिल किया गया है। यहां आवासीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। इन्हें औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है। इससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इसी सप्ताह स्टार्टअप पालिसी का ड्राफ्ट घोषित किया है। अगले 10 वर्षों में दिल्ली को इनोवेशन हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। निजी भागीदारी से औद्योगिक क्षेत्रों के विकास करने का निर्णय लिया गया है। पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देने की नीति तैयार की जा रही है। इससे आने वाले वर्षों में यहां रोजगार के अवसर बढ़ेगें।
जीडीपी में 11 वें स्थान पर
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में दिल्ली पड़ोसी राज्य हरियाणा व पंजाब से आगे है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान मूल्य पर दिल्ली का जीएसडीपी वर्ष 2011-12 में 343798 करोड़ रुपये था। वर्ष 2024-25 में 1215003 करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद है। स्थिर मूल्य पर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में दिल्ली के जीएसडीपी के योगदान में गिरावट आई है। स्थिर मूल्यों पर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में दिल्ली का जीएसडीपी योगदान वर्ष 2011 -12 में 3.94 प्रतिशत था। वर्ष 2024-25 में इसके 3.79 प्रतिशत रहने का अनुमान है।दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय (लाख रुपये)
वर्ष-2011-12- 2016-17- 2017-18- 218-19- 2019-20- 2020-21- 2021-22- 2022-23- 2023-24 आय-185001-295558-318323-338730-355798-322311-376217-430120-461910प्रति व्यक्ति औसत आय में वृद्धि (प्रतिशत में)
वर्ष-2016-17 2017-18 2018-19 2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 2023-24 दिल्ली-9.36- 7.70- 6.41- 5.04- 9.41 – 16.72- 14.33- 7.39 राष्ट्रीय-10.6- 9.9- 9.3- 5.1- -3.9- 18.6- 12.3- 8.7अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले राज्य
राज्य-प्रति व्यक्ति आय (लाख रुपये)- सिक्किम-5.87
- दिल्ली- 4.93
- गोवा-4.29
- चंडीगढ़-3.99
- तेलंगाना-3.56
राज्यों का जीएसडीपी (लाख करोड़ रुपये)
राज्य-जीएसडीपी (लाख करोड़ रुपये)- महाराष्ट्र-40.4
- तमिलनाडु-27.2
- उत्तर प्रदेश-25.5
- कर्नाटक-25
- गुजरात-22
- बंगाल-17
- राजस्थान-15.3
- तेलंगाना-15
- आंध्र प्रदेश-14.4
- मध्य प्रदेश-13.6
- दिल्ली-12.15
दिल्ली में कुल पंजीकृत कारखानों की संख्या
- वर्ष- 2021-2022-2023
- कारखाने-8613-8690-8750

二 | 协会有关负责人介绍,公约将保护消费者合法权益摆在突出位置,要求会员单位积极开展消费者教育,通过建立投诉受理机制切实维护消费者合法权益;为消费者提供便捷的智能体支付应用关闭、信息查询的通道,保障其自主选择权。 公约还提出,会员单位应坚持开放合作,共同维护公平、开放、健康的智能体支付应用生态,不得通过排他合作、强制捆绑、低价补贴等方式限制用户选择,不得扰乱市场经营秩序。 协会有关负责人表示,在智能体自主发起支付交易的应用落地实施前,会员单位应向中国支付清算协会报备,充分开展业务有效性、技术安全性、伦理符合性等方面评估验证,配套人工服务、风险监控、舆情监测、应急处置、回退机制等保障措施,防范智能体支付应用风险。



